चार दिन तक रात भर दीदी को चोदा

Didi ki choot chudai ki kahani,हिंदी सेक्स कहानियाँ,Didi ki chut ka ras piya,चुदाई की कहानी, Didi ki ras bhari chut ka maza liya,बहन भाई की सेक्स का रिश्ता होता है. Real kahani, Sex kahani, Hindi xxx stories, मेरी दीदी बड़ी ही हॉट लग रही थी, क्यों की आपको तो पता है जब कोई घर में मेहमान आता जाता है तो अच्छे अच्छे कपडे पहनते है. दीदी रेड कलर की सूट पहनी थी. ऊपर से गला थोड़ा बड़ा था तो उनकी गोरी गोरी चूचियों का क्लीवेज ओह्ह्ह मेरा मन खराब कर दिया था, उसपर से मटक मटक कर चलना, जी तो कर रहा था की चूतड़ पर हाथ रख कर सहला दूँ. दोस्तों जब मैं नहाने गया था बाथरूम में उनकी रेड कलर की ब्रा और पेंटी तो और मेरा दिमाग ख़राब कर दिया, जिसो दीदी ने नहाते वक्त खोली थी धोने के लिए. ओह्ह क्या खुशबू था यार, मैं तो उनकी ब्रा को और पेंटी को सूंघ कर मदहोश हो गया,

पहले तो मैंने पाने लंड पर उनकी पेंटी को खूब रगड़ा, और फिर मूठ मार कर अपना मन शांत किया और अपना सारा वीर्य उन्हीं के पेंटी में साफ़ कर दिया.कुछ देर बाद ही दीदी मुझे अपने कमरे में बुलाई और बोली, की कुणाल तुमने मेरे पेंटी में क्या किया है, मैंने चौकते हुए बोल. मैंने क्या किया? दीदी बोली वही तो मैं पूछ रही है. तुम नहाने गया और कुछ कर के आया? मैंने कहा कुछ भी तो नहीं किया, तो दीदी बोली मेरी पूरी पेंटी गीली थी, मुझे समझ आ रहा है, मैं जानती हु की तुमने क्या किया, अगर तुमने नहीं बताया तो मैं मम्मी को बोल दूंगी. मैं डर गया सोचा क्यों ना बात को खत्म किया जाये. मैंने कहा दीदी सॉरी बात को यही खत्म कर दो प्लीज, हां मैंने किया है, मैंने हस्थमैथुन किया है. और मैंने थोड़ा डांटते हुए लहजे में बोल की और पहनो नई नई सेक्सी ड्रेस, तो दीदी ने कहा बात खत्म नहीं होगी बल्कि बात बढ़ेगी, मैंने कहा दीदी मैं तो कह रहा हु पर आप ये बात क्यों बढ़ाने की बात कर रही हो, तो दीदी बोली, मैं तो बढ़ाऊंगी, तू डर मत मैं मम्मी को नहीं बताउंगी, पर आज मैं तेरा क्या हाल करने बाली हु,दोस्तों मैं दिन भर मैं टेंशन में रहा, आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। क्यों की मुझे लग रहा था की पता नहीं वो क्या करेगी किसको बता देगी. रात को दस बजे तक तो कुछ भी नहीं हूआ, कहना कहकर मैंने ऊपर बाले कमरे में सोने चला गया, मेहमान लोग जो थे वो सब निचे ही कहना खा रहे थे और सो रहे थे. मुझे नींद नहीं आ रही थी. मैं बस करवट बदल रहा था. माँ और दीदी अभी तक जगी थी क्यों की सबको खिला पिला रही थी. रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे, मेरे कमरे का दरवजा खुल मैंने देखा तो दीदी थी. अंदर आते ही वो दरवाजा लगा दी. और आकर मेरे बेड पे बैठ गई. फिर दीदी बोली की जा तू कुणाल के कमरे में ही सो जा, वो बेड पर सो रहा था तू निचे बिछा के सो जाना. पर आज तो मैं तेरे साथ सोऊंगी, ताकि ये नौबत कभी नहीं आये की तू मेरे पेंटी में अपना सीमन साफ़ करे. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था पर उनकी मुस्कराहट से मैं धीरे धीरे सब कुछ समझ गया, तभी दीदी बोली क्यों रे? दिल्ली में कोई अभी तक पटी की नहीं? कोई गर्लफ्रेंड बनाया की नहीं? मैंने कहा नहीं दीदी. दो दीदी बोली बनाना भी नहीं, पढाई पर ध्यान दो. बाकी गर्ल फ्रेंड की कमी को मैं पूरा कर दूंगी. मुझे पता है तू मुझे लाइक करता है.मैं तो दोस्तों खुश हो गया, और दीदी को अपने बाहों में ले के बोल आई लव यू दीदी. यू अरे माय बेस्ट दीदी, और दीदी मेरे होठ पर किश करते हुए बोली, लव यू माय डिअर भाई. और फिर हम दोनों एक डीप किस करने लगे. वो मेरे होठ को चूस रही थी और मैं उनके होठ को किश कर रहा था,

फिर हम दोनों एक दूसरे का कपडे उतारने लगे. और फिर दोनों नंगे होके कभी वो मेरे ऊपर चढ़ रही थी और कभी मैं उनके ऊपर चढ़ रहा था. और मैं उनकी चूचियों को पकड़ कर अपने मुझे में ले लिया और उनके निप्पल को दांत से काटने लगा. वो इस इस इस कर रही थी. उनके बगल से पसीने की खुशबु मुझे और भी मदहोश कर रही थी. मैंने उन हाथ को ऊपर उठा दिया और उनके बगल को चाटने लगा. वो अंगड़ाइयां लेने लगी. उनकी चूचियाँ बड़ी बड़ी और टाइट हो गई. मैंने उनकी चूचियों को सहलाने लगा. फिर मैं निचे सरक कर चला गया और दोनों पैरों को अलग अलग करके, मैंने उनकी खूबसूरत बिना बालों बाली चूत को अपने जीभ से चाटने लगा. वो भी रह रह कर अपने चूत को मेरे मुंह में रगड़ देती.दोस्तों उसके बाद दीदी पसीने पसीने हो गई. और मेरी भी धड़कन तेज हो गई. दीदी बोली कुणाल अब रहा नहीं जा रहा था मेरी चूत की गर्मी को शांत कर दे. और मैंने अपना मोटा लंड दीदी के चूत पे पहले ऊपर से निचे तक रगड़ा, और चूत के छेद पर रख कर दिया, दोस्तों सही में दीदी की चूत धधक रही थी. मुझे वो गर्मी का एहसास हुआ, दीदी की चूत काफी गीली हो चुकी थी, फिर मैंने एक जोर से झटका मारा, दीदी पूरी हिल गई. उनकी चूचियाँ भी हिल गई. लंड मेरा अंदर चला गया, और दीदी एक जोर की आह ली. आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। और अपने होठ को दाँतों के निचे दबाने लगी. तकिया को अपने मुट्ठी में भर ली, और मैं अंदर बाहर करना सुरु किया, दीदी भी अपना मोटा गांड उठा उठा के लंड को अपने चूत में लेने को मदद कर रही थी. पर दीदी आह आह आह कर रही थी. मैंने पूछा दीदी आप आह आह क्यों कर रहे हो. दर्द हो रहा है तो धीरे धीरे करू, तो दीदी बोली नहीं नहीं और जोर जोर से चोदो मुझे, मैं तो इसलिए कर रही हु, की मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था, मुझे खूब चोदो, रुको मत.दोस्तों, दीदी इतने में झड़ गई. और मैं फिर अपना लंड निकाल कर फटा फट दीदी की चूत की सारा पानी पि गया, वाओ क्या नमकीन पानी था. फिर दीदी को मैंने अपने ऊपर किया, और लंड को उन्होंने अपने हाथ से पकड़ कर फिर अपने चूत में ले लिया, और जोर जोर से उछलने लगी. और हाय हाय हाय कर रही थी. उनकी दोनों बूब्स भी हवा में लहरा रहा था, मैं निचे से जोर लगा रहा था वो ऊपर से लगा रही थी, दोस्तों वो जोर जोर से अजीब अजीब सी आवाज निकालने लगी, इससे मैं और जोर से चोदने लगा, उसके बाद मेरे पूरी शारीर में अजीब सी हरकत होने लगी. और मैं उनके चूत में झड़ और दीदी मेरे ऊपर ही लेट गई. ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है. उसके बाद दोस्तों दोनों ऐसे ही पड़े रहे, अपना लंड उनके चूत से तब निकाला जब निढाल हो गया.उसके बाद तो दोस्तों चार दिन तक मैंने रात रात भर दीदी को खूब चोदा,कैसी लगी दीदी की चुदाई स्टोरी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी दीदी के साथ सेक्स करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/AntuSharma

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